Friday, January 13, 2012

Ladki ka Dar : Funny Poem



लड़कियों के डर भी अजीब होते हैं
भीड़ में हों तो लोगों का डर
अकेले में हों तो सुनसान राहों का डर
गर्मी में हों तो पसीने से भीगने का डर
हवा चले तो दुपट्टे के उड़ने का डर
कोई न देखे तो अपने चेहरे से डर
कोई देखे तो देखने वाले की आँखों से डर
बचपन हो तो माता-पिता का डर
राह में कड़ी धुप हो तो,चेहरे के मुरझाने का डर
बारिश आ जाये तो उसमें भीग जाने का डर

वो डरती हैं और तब तक डरती हैं
जब तक उन्हें कोई जीवन साथी नहीं मिल जाता
और वही वो व्यक्ति होता हैं जिसे वो सबसे ज्यादा डराती हैं

4 comments:

n quamar January 13, 2012 at 5:16 PM  

Aur wahi wo vyakti hai, jise wo umra bhar daraati hai.. :) Bahut khoob...

Dhiraj Saini July 1, 2012 at 2:18 PM  

isi wajh se ladkiya av tk piche hai

Dhiraj Saini July 1, 2012 at 2:19 PM  

isi wajh se ladkiya av tk piche hai

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