Monday, October 31, 2011

Story of The Indian Hell



कहानी भारतीय नर्क की

एक आदमी की मौत हो गई और उसे नरक में जाना पड़ा. वहां जाकर उसने देखा कि सभी देशों के अपने अलग-अलग नरक हैं.

वो सबसे पहले जर्मनी के नरक में गया और उसने पूछा यहां क्‍या होता है ?
उसे बताया गया कि सबसे पहले तो यहां आने वाले व्‍यक्ति को बिजली के झटके देने वाली कुर्सी पर बिठाया जाता है उसके बाद कीलों के बिस्‍तर पर उसे लिटाया जाता है और बाद में उसकी हंटरों से पिटाई की जाती है .

उस आदमी को ये सब सुनकर अच्‍छा नहीं लगा और वो आगे बढ़ गया. आगे जाकर उसने दूसरे देशों रूस, जापान और अमेरिका के नरकों को देखा. उसने पाया कि सब जगह लगभग यही हाल था और उसे नरक की असलियत मालूम चली.

घूमते-घूमते वो आदमी इंडियन नरक के दरवाजे तक पहुंचा तो उसने देखा कि अंदर जाने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है. उसने किसी से पूछा यहां क्‍या होता है ?

उसे बताया गया कि यहां पहले तो कुर्सी पर बिठाकर बिजली का करंट लगाया जाता है फिर कीलों के बिस्‍तर पर लेटना पड़ता है और फिर जल्‍लाद दिनभर हंटरों से पीटते हैं

उसने कहा कि ये तो सभी नरकों में होता है फिर यहां इतनी लंबी लाइन क्‍यों लगी हुई है ?

उसे जवाब मिला- यहां बिजली नहीं रहती है तो कुर्सी बेकार पड़ी हुई है, कीलों के बिस्‍तर की सारी कीलें चोरी हो गई हैं और हंटर मारने वाला एक पूर्व सरकारी कर्मचारी है, वो आकर रजिस्‍टर में अपनी हाजिरी लगाता है और उसके बाद कैंटीन चला जाता है

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